राजस्थान: भारत में एक अद्वितीय मंदिर है, जिसमें देवी को प्रसन्न करने के लिए हथकड़ी और बेडियां चढ़ाई जाती हैं। यह मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में स्थित है और इसका नाम “दिवाक मंदिर” है। यहां का त्रिशूल, जो लगभग 200 साल पुराना है, एक अद्वितीय शक्ति का प्रतीक है। मान्यता है कि माता के नाम को याद करने से हथकड़ियां और बेड़ियां अपने आप ही खुल जाती हैं। इस त्रिशूल पर जो हथकड़ियां चढ़ी हैं, उनमें से कई तो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं।
पुराने समय में यहां मालवा के खूंखार डाकुओं का बोलबाला था। एक नामी डाकू पृथ्वीराणा ने जेल में दिवाक माता की मन्नत मांगी थी: अगर वह जेल तोड़कर भागने में सफल रहा, तो वह सीधे इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आएगा। और जैसे ही उसने माता को याद किया, उसकी बेडियां अपने आप ही टूट गईं और वह जेल से भाग निकला। इसकी परंपरा आज भी जिंदा है, और यहां के भक्त अपने रिश्तेदारों को जेल से छुड़वाने के लिए माता के मंदिर में हथकड़ी चढ़ाते हैं। 🙏
हरिद्वार। हरिद्वार में 2027 में होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है।…
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के समग्र विकास और आगामी कुंभ मेला-2027 की…
जोशीमठ: उत्तराखंड का पर्यटन विभाग राज्य के सीमांत क्षेत्रों को साहसिक पर्यटन (एडवेंचर टूरिज्म) के…
सार : तीन दिन की बर्फबारी के बाद हालांकि आज धूप खिली है, लेकिन रास्ते…
राज्य के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी और हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। उत्तरकाशी,…
देहरादून। चार साल के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार उत्तराखंड की धामी सरकार का मंत्रिमंडल पूरी…