नई दिल्ली: शारदीय नवरात्रि का पावन पर्व मां दुर्गा की भक्ति और उपासना का विशेष समय होता है। इन नौ दिनों में भक्तजन माता को प्रसन्न करने के लिए विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित करते हैं, जिनमें फलों का विशेष महत्व होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ फल ऐसे भी हैं जिन्हें देवी को अर्पित करना वर्जित माना गया है? जी हां, गलत फलों का भोग लगाने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता और माता रानी रुष्ट भी हो सकती हैं। आइए, यहां जानते हैं भोग से संबंधित जरूरी नियम और उन फलों के बारे में जो माता को नहीं चढ़ाने चाहिए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष प्रकार के फलों को देवी दुर्गा की पूजा में शामिल नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि ये फल या तो तामसिक प्रकृति के होते हैं या फिर उनका संबंध सात्विक पूजा से नहीं होता।
फलों के अलावा भी भोग तैयार करने और अर्पित करने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है, ताकि आपकी पूजा सफल हो सके।
हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष स्वरूप की पूजा की जाती है और उन्हें उनका प्रिय भोग अर्पित करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस नवरात्रि इन नियमों का पालन कर विधि-विधान से माता रानी की पूजा करें और उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
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