कोलकाता: कोलकाता के दिल में बसा एक अनोखा काली मंदिर है, जो अपनी अद्वितीय परंपरा के लिए प्रसिद्ध है। यह मंदिर 60 वर्ष पुराना है और यहाँ की मान्यता है कि माँ काली को नूडल्स और फ्राइड राइस का भोग लगाने से भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं।
इस मंदिर की कहानी उतनी ही रोचक है, जितनी इसकी परंपरा। कहा जाता है कि एक बार एक चीनी व्यापारी ने मंदिर में आकर माँ काली से अपने व्यापार में सफलता की प्रार्थना की थी। उसकी प्रार्थना स्वीकार होने पर, उसने माँ को अपने देश के खाने का भोग लगाने का वचन दिया। तब से, यह परंपरा चली आ रही है।
आज भी, हर रोज सुबह और शाम को माँ काली को चीनी व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। भक्तों का मानना है कि इससे उनके जीवन में समृद्धि और सफलता आती है।
इस मंदिर की यह अनूठी परंपरा न केवल भारतीय और चीनी संस्कृति के मिलन का प्रतीक है, बल्कि यह दिखाती है कि कैसे विविधता में एकता का संदेश भारत की धार्मिक परंपराओं में निहित है। यह मंदिर न केवल एक पूजा स्थल है, बल्कि एक सांस्कृतिक संगम भी है, जो विश्वास और सहिष्णुता की एक जीवंत मिसाल पेश करता है।
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