नैनीताल/रुद्रपुर: उत्तराखंड में धर्मांतरण और सरकारी योजनाओं का दोहरा लाभ लेने के मामले लगातार तूल पकड़ रहे हैं। इस मुद्दे पर अब न्यायपालिका और प्रशासन दोनों सख्त हो गए हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने जहां इस मामले में ठोस सबूत मांगे हैं, वहीं उधम सिंह नगर जिला प्रशासन ने धर्म परिवर्तन और अवैध धार्मिक ढांचे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपना ली है।
हाईकोर्ट का आदेश: लाभार्थियों के नाम सार्वजनिक करें
पिथौरागढ़ निवासी दर्शन लाल द्वारा दायर जनहित याचिका पर नैनीताल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता का आरोप है कि हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने वाले लोग पहले से मिल रहे आरक्षण और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को इनका हक नहीं मिल पा रहा।
उधम सिंह नगर में डीएम सख्त, ‘धर्म स्वतंत्रता अधिनियम’ का होगा पालन
उधम सिंह नगर में बढ़ते धर्मांतरण के मामलों को देखते हुए डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ हाई-लेवल बैठक की। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि राज्य में ‘उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम 2018’ का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।
प्रशासन के 4 बड़े निर्देश:
अधिकारी बोले- कानून बिगाड़ने वालों पर एक्शन तय
अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय ने बताया कि डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भूमि विवादों के निस्तारण और सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अभियान भी तेज किया जाएगा।
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