UTTARAKHAND

उत्तराखंड में सर्दी ने दी दस्तक, बदरीनाथ, केदारनाथ और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी

देहरादून: उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट बदली है, जिसके चलते सोमवार को पहाड़ से लेकर मैदान तक मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आया।मौसम विभाग के अलर्ट के अनुरूप, केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी हुई, वहीं राजधानी देहरादून समेत कई मैदानी इलाकों में हुई बारिश ने ठंडक बढ़ा दी है।

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर

सोमवार को केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की ऊंची चोटियों पर इस मौसम की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। दोपहर बाद शुरू हुई बर्फबारी से धाम के आसपास की पहाड़ियां बर्फ की सफेद चादर से ढक गईं, जिससे वहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो गया।यमुनोत्री धाम के आसपास की चोटियों पर भी बर्फबारी हुई, जबकि निचले इलाकों में बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आई है। बर्फबारी का श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया।

मैदानी इलाकों में बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के आठ जिलों में तेज बारिश और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है। देहरादून, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पिथौरागढ़, बागेश्वर, टिहरी और हरिद्वार जिले के कुछ हिस्सों में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। अन्य पांच जिलों के लिए बारिश और तेज हवाओं का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, निम्न दबाव का क्षेत्र बनने के कारण उत्तराखंड में आठ अक्टूबर तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रह सकता है।उन्होंने बताया कि विशेषकर छह और सात अक्टूबर को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी है, जबकि चार हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है।

इस मौसमी बदलाव को देखते हुए प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रैकिंग और निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। चारधाम यात्रा पर आए श्रद्धालुओं को भी सतर्क रहने और गर्म कपड़े साथ रखने की सलाह दी गई है।

उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मौसम ने करवट ले ली है और सोमवार को बदरीनाथ, केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई। इस बर्फबारी के साथ ही राज्य में सर्दियों का आगाज हो गया है। बर्फ की सफेद चादर से ढके इन धामों का नजारा बेहद मनमोहक हो गया है, जिसका वहां मौजूद श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया।

सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे केदारनाथ की पहाड़ियों पर बर्फ गिरनी शुरू हुई, जिसके बाद आसपास का नजारा सफेद चादर में लिपट गया। वहीं, बदरीनाथ धाम में भी नर नारायण पर्वत, उर्वशी पर्वत और माणा गांव के आसपास की ऊंची चोटियों पर सीजन की पहली बर्फबारी हुई। सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब में भी दोपहर बाद हल्की बर्फबारी शुरू हो गई, जिससे पूरी घाटी ने बर्फ की पतली परत ओढ़ ली है।

यात्रियों के लिए सलाह

बर्फबारी के बाद जिला आपदा प्रबंधन विभाग ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने साथ गर्म ऊनी कपड़े, रेनकोट और अन्य जरूरी सामान लेकर ही यात्रा करें, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके। प्रशासन ने उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ट्रेकिंग पर भी अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।

गौरतलब है कि हेमकुंड साहिब के कपाट 10 अक्टूबर को बंद होने जा रहे हैं और कपाट बंद होने से पहले हुई इस बर्फबारी ने यात्रा को और भी यादगार बना दिया है।

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