Categories: Web Stories

दिवाक मंदिर: जेल से छुटकारा पाने की अद्भुत कहानी!”

राजस्थान: भारत में एक अद्वितीय मंदिर है, जिसमें देवी को प्रसन्न करने के लिए हथकड़ी और बेडियां चढ़ाई जाती हैं। यह मंदिर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में स्थित है और इसका नाम “दिवाक मंदिर” है। यहां का त्रिशूल, जो लगभग 200 साल पुराना है, एक अद्वितीय शक्ति का प्रतीक है। मान्यता है कि माता के नाम को याद करने से हथकड़ियां और बेड़ियां अपने आप ही खुल जाती हैं। इस त्रिशूल पर जो हथकड़ियां चढ़ी हैं, उनमें से कई तो 100 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं।

पुराने समय में यहां मालवा के खूंखार डाकुओं का बोलबाला था। एक नामी डाकू पृथ्वीराणा ने जेल में दिवाक माता की मन्नत मांगी थी: अगर वह जेल तोड़कर भागने में सफल रहा, तो वह सीधे इस मंदिर में दर्शन करने के लिए आएगा। और जैसे ही उसने माता को याद किया, उसकी बेडियां अपने आप ही टूट गईं और वह जेल से भाग निकला। इसकी परंपरा आज भी जिंदा है, और यहां के भक्त अपने रिश्तेदारों को जेल से छुड़वाने के लिए माता के मंदिर में हथकड़ी चढ़ाते हैं। 🙏

Tv10 India

Recent Posts

कर्णप्रयाग में आपदा पीड़ितों का हंगामा: 50 करोड़ के सुरक्षा कार्य की मशीनें रोकीं, बोले- पहले घरों का मुआवजा दो; सरकार का पुतला फूंका

कर्णप्रयाग (चमोली) | उत्तराखंड के कर्णप्रयाग स्थित बहुगुणा नगर में पिछले 4 सालों से भू-धंसाव (Land…

5 hours ago

देहरादून शूटआउट: मॉर्निंग वॉक पर मारे गए रिटायर्ड ब्रिगेडियर के परिवार ने मांगा 1 करोड़ का मुआवजा

देहरादून | देहरादून के मसूरी रोड पर 30 मार्च को हुए गोलीकांड में जान गंवाने वाले…

5 hours ago

अग्निवीर देश की सुरक्षा के लिए खतरा, युवाओं के भविष्य के लिए घातक

अग्निपथ योजना के विरोध में कांग्रेस हस्ताक्षर यात्रा का चौथा चरण पहुंचा खटीमा खटीमा। उत्तराखंड…

5 hours ago

चमोली में प्रशासन का बड़ा एक्शन: गोपेश्वर में ‘आरोग्य अल्ट्रासाउंड सेंटर’ सील, रेडियोलॉजिस्ट मिला नदारद; रिकॉर्ड में भी भारी खामियां

गोपेश्वर (चमोली) | उत्तराखंड के चमोली जिले में भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध अल्ट्रासाउंड को रोकने…

5 hours ago