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पुखराज को धारण करने से बदल जाती है किस्मत

नई दिल्ली: पुखराज बृहस्पति ग्रह का रत्न है ज्योतिष में रत्न सभी ग्रहों के हिसाब से बताए गए हैं। राशि और ग्रह के अनुसार रत्न धारण करने से ग्रहों को अनुकूल किया जा सकता है, साथ ही मानव जीवन मे आने वाली समस्याओं को कम किया जा सकता है। रत्न धारण करने से जीवन में सुख-समृद्धि, सफलता के मार्ग भी प्रशस्त होते हैं। इन्हीं रत्नों में से एक है ‘पुखराज रत्न’। पीले रंग का ये रत्न बृहस्पति ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। जिन लोगों की कुंडली में बृहस्पति अनुकूल ना हो, उनके लिए पुखराज बहुत ही शुभ फल दाई माना जाता है। इसे धारण करने से विवाह धन-संपत्ति और मान-सम्मान में उचित फल प्राप्त होता है।

पुखराज पहनने के फायदे
1. पीले रंग का पुखराज पहनने से व्यक्ति को शिक्षा के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. उसके ज्ञान और बुद्धि में वृद्धि होती है.

2. जो लोग पुखराज पहनते हैं, उनको धन लाभ, संतान सुख, यश और कीर्ति की प्राप्ति होती है. उनका दांपत्य जीवन भी खुशहाल र​हता है. घर पर मांगलिक कार्यों के योग बनते हैं.

3. यदि आपके विवाह में देरी हो रही है या वैवाहिक जीवन में समस्याएं आ रही हैं तो आपको पीला पुखराज धारण करना चाहिए. पुत्र कामना के लिए भी लोग पुखराज पहनते हैं.

4. आपके काम में सफलता नहीं मिल रही है, आपके परिवार की उन्नति रूक गई है, सुख और सौभाग्य की कमी है तो आप पुखराज पहन सकते हैं.

5. पुखराज पहनने से व्यक्ति के अंदर आध्यात्म बढ़ता है. योग, साधना की तरफ मन अग्रसर होता है. मानसिक शांति भी प्राप्त होती है.

पुखराज पहनने के नियम

पुखराज कम से कम 5 या फिर 7 कैरेट का पहनना चाहिए। इसे सोने की अंगूठी में पहनना चाहिए। पुखराज को गुरुवार को धारण करना सबसे शुभ होता है। जब इसे पहनना हो तो उस सुबह जल्‍दी उठकर स्‍नान करें और फिर पुखराज वाली अंगूठी को दूध और गंगाजल से स्‍नान करवाएं। इस अंगूठी को दाएं हाथ की तर्जनी उंगली में पहनें और गुरु के बीज मंत्र का जप करते हुए इसे धारण करने से आपको शीघ्र ही अच्‍छे प्रभाव दिखने लगेंगे।


1. सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कैसी है. उसके बाद सही रत्ती के पुखराज को पहनना होगा.पुखराज के लिए ज्योतिषाचार्य की मदद लें. फिर उसे सोने की अंगुठी में जड़वाकर पहनें. पुखराज को तर्जनी अंगुली में पहना जाता है.

2.पुखराज को आप गुरुवार के दिन सुबह के समय शुभ मुहूर्त में पहन सकते हैं. इसके अलावा पुष्य नक्षत्र, द्वितीया, एकादशी और द्वादशी तिथि में से किसी भी दिन पुखराज धारण कर सकते हैं.

3. वृष, कन्या, तुला, मकर और मिथुन राशि वाले लोगों को पुखराज नहीं पहनना चाहिए. कर्क, मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि के जातक पुखराज धारण कर सकते हैं.

4. पुखराज के साथ हीरा, पन्ना जैसे रत्न नहीं पहनने चाहिए. इसके लिए आप किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य कर लें अन्यथा यह आपको लाभी की जगह हानि कर सकता है.

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