Web Stories

जिसकी खिचड़ी खाने के लिए, ने मंदिर के नियम तोड़ दिए!

पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर में आज भी प्रातःकाल भगवान श्री जगन्नाथ को खिचड़ी का बालभोग लगाया जाता है। कहा जाता है कि इस परंपरा की शुरुआत एक भक्त महिला कर्माबाई से हुई थी।

प्राचीन काल में कर्माबाई हर सुबह प्रभु जगन्नाथ के लिए प्रेमपूर्वक खिचड़ी बनाती थीं। वे न तो विधि-विधान जानती थीं और न ही किसी नियम का पालन करती थीं — बस हृदय में अटूट प्रेम था। वे स्नान-ध्यान से पहले ही ठाकुरजी के लिए खिचड़ी तैयार करतीं, और भगवान स्वयं बालक रूप में आकर कर्माबाई के हाथों की खिचड़ी का आनंद लेते थे।

एक दिन कर्माबाई के घर एक साधु अतिथि के रूप में आए। उन्होंने जब देखा कि कर्माबाई बिना स्नान किए भगवान को भोग लगा रही हैं, तो उन्होंने आश्चर्य से कहा —

“बेटी! भगवान को भोग लगाने के लिए पहले शुद्ध होकर, स्नान कर, मंत्रोच्चार से नियमपूर्वक अर्पण करना चाहिए।”

कर्माबाई ने श्रद्धापूर्वक उनकी बात मान ली। अगले दिन उन्होंने सभी नियमों का पालन करते हुए भोग तैयार किया — परंतु इसमें देर हो गई। उनके मन में व्याकुलता छा गई कि “आज मेरा ठाकुर भूखा रह गया…”

उधर भगवान जगन्नाथ, बालक रूप में, हमेशा की तरह कर्माबाई की खिचड़ी खाने उनके घर पहुँचे। लेकिन आज उन्हें देर में मिली। उन्होंने वही खिचड़ी खाई और जब मंदिर में दोपहर के भोग का समय हुआ, तो वे जूठे मुंह ही मंदिर पहुँच गए।

मंदिर के पुजारियों ने देखा कि भगवान के अधरों पर खिचड़ी के दाने लगे हैं! सभी आश्चर्यचकित हुए। जब उन्होंने भगवान से पूछा, तो बालक जगन्नाथ मुस्कुराए और बोले —

“मैं कर्माबाई की खिचड़ी खाकर आया हूँ।”

यह सुनकर वह साधु अत्यंत पश्चाताप से भर गया। उसने कर्माबाई से क्षमा माँगी और विनम्र होकर कहा —

“माँ! तुम्हारी निष्कपट भक्ति ही सच्ची पूजा है। ठाकुर तुम्हारे प्रेम के भूखे हैं, नियमों के नहीं।”

तभी से जगन्नाथ मंदिर में प्रातःकाल खिचड़ी का बालभोग लगाने की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धा से कहा जाता है —

“आज भी वह खिचड़ी कर्माबाई की ही भक्ति से सनी हुई है,
और ठाकुर जगन्नाथ हर सुबह उसी प्रेमरस से तृप्त होते हैं।”

Tv10 India

Recent Posts

उत्तराखंड में कल भारी बारिश की चेतावनी: देहरादून, चमोली और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट; 7 जिलों में यलो अलर्ट जारी

देहरादून (उत्तराखंड) :मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने बृहस्पतिवार (6 अगस्त) को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों…

9 hours ago

उत्तराखंड में सरकारी और वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पर हाईकोर्ट सख्त: मुख्य सचिव को 2 हफ्ते में जवाब देने के निर्देश, हलफनामा भी होगा दाखिल

नैनीताल (उत्तराखंड) :उत्तराखंड में वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय राजमार्गों और राजस्व भूमि पर हुए…

10 hours ago

धराली आपदा की पहली बरसी: गीता पाठ के साथ 101 पौधे रोपकर दी श्रद्धांजलि; 115 घर हुए थे तबाह

उत्तरकाशी (उत्तराखंड) :उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त 2025 को आई विनाशकारी आपदा को आज…

10 hours ago

हरिद्वार कांवड़ यात्रा: गंगा के तेज बहाव में देवदूत बनी SDRF, 22 शिवभक्तों की बचाई जान; बिछड़े परिवारों का सहारा बनी पुलिस

हरिद्वार (उत्तराखंड)हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अब…

13 hours ago

उत्तराखंड में 10 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए 10 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी…

2 days ago