उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में दुनिया का सबसे ऊंचा शिव मंदिर स्थित है. इसे तुंगनाथ मंदिर कहा जाता है. इस मन्दिर से जुडी एक मान्यता है कि यहाँ पर भगवान शिव के हृदय और उनकी भुजाओं की पूजा होती है। मान्यता है कि तुंगनाथ मंदिर को पांडवों ने भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए बनवाया था। कहा जाता है कि कुरुक्षेत्र में हुए नरसंहार को लेकर शिव जी पांडवों से नाराज थे, इसलिए उन्हें खुश करने के लिए इस सुंदर स्थान पर शिव शंभू का मंदिर बनवाया।
तुंगनाथ मंदिर को लेकर मान्यता है कि रावण ने भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इसी स्थान पर तपस्या की थी। इसके अलावा जब भगवान राम ने रावण का वध किया, तब स्वयं को ब्रह्ममण हत्या के शाप से मुक्त करने के लिए उन्होंने इसी स्थान पर शिवजी की तपस्या की। तभी से इस स्थान का नाम ‘चंद्रशिला’ भी प्रसिद्ध हो गया। यह भी मान्यता है कि माता पार्वती ने भी शिव को पाने के लिए यहीं पर तपस्या की थी।
देहरादून: राजधानी के पटेल नगर थाना क्षेत्र में प्रतिशोध और सनक का एक खौफनाक मामला सामने…
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नर्सिंग बेरोजगारों की मांगों को लेकर पानी की टंकी पर…
हरिद्वार | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब धरातल पर दिखने…
देहरादून | उत्तराखंड में इस बार गर्मी आने से पहले ही 'रफूचक्कर' हो गई है। अप्रैल…
खबर के खास बिंदु: केदारनाथ बना पहली पसंद: बाबा केदार के दरबार में सबसे ज्यादा 5.23…
हरिद्वार | पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक विज्ञान की…