
देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के डोईवाला थाना क्षेत्र अंतर्गत हर्रावाला से एक बेहद दुखद और सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान सृष्टि कंडारी के रूप में हुई है, जो स्वयं भी एक सरकारी शिक्षिका थीं। मृतका की माँ की शिकायत पर पुलिस ने उत्तराखंड सचिवालय में निजी सचिव के पद पर तैनात पति, सास और ननद के खिलाफ हत्या व दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
ससुर की मौत के बाद ‘मनहूस’ बताकर उत्पीड़न का आरोप
मृतका सृष्टि कंडारी की माँ सीमा कंडारी ने थाना डोईवाला में दी गई तहरीर में बताया कि उनकी बेटी का विवाह नवंबर 2025 में हर्रावाला स्थित दिल्ली फार्म निवासी सौरभ रतूड़ी के साथ हुआ था। सौरभ सचिवालय में निजी सचिव के पद पर कार्यरत हैं। आरोप है कि शादी के बाद से ही सृष्टि को दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था।
मायके पक्ष के अनुसार, शादी के लगभग तीन महीने बाद सृष्टि के ससुर को हार्ट अटैक आया था। आरोप है कि किसी पंडित की सलाह के बाद ससुराल वालों ने सृष्टि को ‘अपशकुनी’ और ‘मनहूस’ मान लिया और उस पर मानसिक अत्याचार शुरू कर दिए। घटना से तीन दिन पहले ही सृष्टि के ससुर का भी निधन हो गया था, जिसके बाद ससुराल वालों ने उस पर मानसिक दबाव और बढ़ा दिया था।
मायके वालों से छिपाई मौत की खबर
मृतका की माँ ने बताया कि 28 और 29 जुलाई को उनकी बेटी से फोन पर बात नहीं हो पा रही थी। अनहोनी की आशंका के चलते उन्होंने अपने एक परिचित को सृष्टि के ससुराल भेजा, जहाँ से पता चला कि उसकी तबीयत खराब होने पर अस्पताल ले जाया गया है। जब परिवार श्रीनगर (गढ़वाल) से देहरादून पहुँचा, तब उन्हें पता चला कि सृष्टि की मौत हो चुकी है।
परिजनों का आरोप है कि ससुराल वालों ने बेटी की मौत की जानकारी समय पर नहीं दी और पूछने पर काम में व्यस्त होने का बहाना बनाया।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
मामले की जानकारी देते हुए डोईवाला की क्षेत्राधिकारी (सीओ) वंदना वर्मा ने बताया कि मृतका की माँ की तहरीर पर पुलिस ने पति सौरभ रतूड़ी, सास परवीना देवी और ननद चारू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80 (2) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी तथ्यों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी साक्ष्य सामने आएँगे, उसी के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
