वियतनाम की हांग सान दोंग नाम की ये गुफा दुनिया की सबसे बड़ी गुफा है। 9 किमी लंबी, 200 मीटर चौड़ी और 150 मीटर ऊंची इस गुफा की अपनी अलग ही दुनिया है। इसके अंदर छोटे से जंगल और पेड़-पौधों से लेकर बादल और नदी तक सबकुछ हैं।
1991 में हुई थी गुफा की खोज !!
माना जाता है कि सोन डूंग गुफा की खोज 1991 में ‘हो खानह’ नाम के आदमी ने की थी। मगर उस समय इसमें अत्याधिक अंधेरा व पानी होने से कोई भी गुफा में जाता नहीं था। मगर फिर 2009 में एक ब्रिटिश रिसर्च एसोसिएशन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस गुफा की पहली झलक दिखाई। उसके बाद 2010 में वैज्ञानिकों ने एक 200 मीटर ऊंची दीवार पार करके इसके अंदर जाने का रास्ता निकाला। वहीं यह दीवार ‘वियतनाम की दीवार’ के नाम से मशहूर हुई। गुफा बेहद बड़ी होने के साथ इसके अंदर पेड़-पौधें, जंगल, बादल व नदी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह गुफा लाखों साल पुरानी है। बात इसके अस्तित्व की करें तो इसे सन 2013 में यात्रियों के घूमने के लिए खोला गया था। मगर इसमें जानें व घूमने के लिए हर साल मात्रा 250-300 लोगों को ही मंजूरी मिलती है। इस गुफा की खासियत है कि इसमें 40 मंजिलों तक बड़ी आसानी से इमारतें बनाई जा सकती है।
गुफा के अंदर जाने वाले पर्यटकों को पहले छह महीने की ट्रेनिंग दी जाती है। उन्हें कम से कम 10 किलोमीटर पैदल चलने और छह बार रॉक क्लाइंबिंग यानी चट्टानों पर चढ़ना सिखाया जाता है। इसके बाद ही उन्हें गुफा में ले जाया जाता है।
सोन डूंग गुफ़ा की कुछ खासियतें:
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