नई दिल्ली: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, जो भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रखा जाता है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को “रमा एकादशी” के नाम से जाना जाता है। यह व्रत धन और समृद्धि की देवी मां लक्ष्मी के एक नाम ‘रमा’ पर आधारित है और दिवाली के पर्व से ठीक पहले आता है, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।
रमा एकादशी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, इस वर्ष रमा एकादशी का व्रत 17 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को रखा जाएगा।
रमा एकादशी की पूजा विधि
इस दिन भक्तगण भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
क्या है रमा एकादशी का महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रमा एकादशी का व्रत करना बड़े-बड़े पापों का नाश करने वाला माना गया है।पद्म पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति पूरी श्रद्धा से यह व्रत करता है, उसे बैकुंठ धाम की प्राप्ति होती है। यह व्रत करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिलती है।इस दिन भक्तजन अन्न, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन नहीं करते और पूरे दिन निराहार या फलाहार रहकर भगवान का ध्यान करते हैं। शाम को पूजा और रमा एकादशी की कथा सुनने के बाद अगले दिन द्वादशी तिथि पर शुभ मुहूर्त में व्रत का पारण किया जाता है।
देहरादून (उत्तराखंड) :मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने बृहस्पतिवार (6 अगस्त) को उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों…
नैनीताल (उत्तराखंड) :उत्तराखंड में वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों, राजकीय राजमार्गों और राजस्व भूमि पर हुए…
उत्तरकाशी (उत्तराखंड) :उत्तरकाशी के धराली में 5 अगस्त 2025 को आई विनाशकारी आपदा को आज…
हरिद्वार (उत्तराखंड)हरिद्वार में चल रहे कांवड़ मेले में शिवभक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। अब…
विपक्षी हंगामे और नारेबाजी के बीच लोकसभा और राज्यसभा से ध्वनि मत से पारित हुआ…
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने राज्य के लिए 10 अगस्त तक का मौसम पूर्वानुमान जारी…