18 नवंबर को हुआ सूर्यास्त, अब 64 दिन बाद 22 जनवरी को होगा सूर्योदय
भारत में आजकल ठंड पड़ना शुरू हो चुकी है और लोगों ने गुनगुनी धूप में बैठना भी शुरू कर दिया है। कल्पना कीजिए, अगर आपके आस-पास दो महीने तक सूरज न निकले तो क्या होगा? आप अपने रोजाना के काम कैसे पूरे करेंगे? बिना धूप के जिंदगी कैसी होगी वो भी कड़ाके की ठंड में? आप सोच रहे होंगे ऐसा कैसे हो सकता है कि पूरे दो महीने सूर्योदय ही न हो।
लेकिन यह सच है,
अमेरिका के अलास्का में एक छोटा का शहर है, जिसका नाम है Utqiagvik उटकिआगविक। इस शहर में अब से करीब 2 महीने बाद सूर्योदय होगा। उटकिआगविक में आखिरी बार 18 नवंबर को सूर्योदय हुआ था। अब इस शहर में इससे ठीक 64 दिन बाद यानी 22 जनवरी को सूरज निकलेगा। 64 दिनों तक अलास्का का यह शहर अंधेरे में रहेगा।
बैरो के नाम से जाना जाने वाले उटकिआगविक में करीब 5 हजार लोग रहते हैं, जो कि आर्कटिक सागर के पास अलास्का की उत्तरी ढलान पर स्थित है। अत्यधिक उत्तरी स्थिति के चलते यह शहर हर साल बिना सूर्योदय के कई दिन बिताता है। 18 नवंबर को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1 बजकर 27 मिनट पर सूर्यास्त हो गया था, अब 64 दिनों बाद 22 जनवरी की दोपहर करीब 1 बजकर 15 मिनट पर सूर्य निकलेगा, वो भी महज 48 मिनट के लिए। इसके बाद तेजी से दिन बड़े होते जाएंगे।
आखिर ऐसा होता क्यों है?
दरअसल पृथ्वी अपने अक्ष पर 23.5 डिग्री झुकी हुई है, इसके चलते इसके एक हिस्से में सूर्य की रोशनी नहीं पहुंच पाती। इसके चलते पृथ्वी के सबसे उत्तर और सबसे दक्षिण हिस्से में बसे इलाकों में सालाना पोलर नाइट की घटना होती है, यानी इन इलाकों में हर साल एक ऐसा समय आता है जब कई दिनों तक सूर्योदय नहीं होता। पोलर नाइट की अवधि 24 घंटे लेकर करीब 2 महीने तक की हो सकती है।
बिना सूर्योदय कैसे रहेंगे लोग?
सूर्योदय के बिना शहर पूरी तरह अंधेरे में नहीं होगा, प्रशासन की ओर से लगाई गई लाइटें आम तौर पर दिन के समय उजाला करेंगी। हालांकि लंबे समय तक बिना सूर्य की रोशनी के रहने से यहां रहने वाले लोगों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। साथ ही क्षेत्र में अत्यधिक ठंड पड़ती है, इस बीच करीब एक चौथाई दिनों में ऐसा होता है कि तापमान जीरो डिग्री फेरनहाइट से आगे नहीं बढ़ पाता है।
तीन महीने नहीं डूबेगा सूरज
खास बात ये है कि यह शहर जिस तरह करीब 2 महीने बिना सूर्योदय के रहेगा, ठीक इसी तरह 3 महीने बिना सूर्यास्त के भी यहां के लोग गुजारा करते हैं। 11 मई 2025 से लेकर 19 अगस्त 2025 तक बैरो यानी उटकिआगविक में सूरज नहीं डूबने वाला है। दरअसल पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी ध्रुव पर मौजूद कई इलाकों में ऐसा होता है कि साल में एक बाद कई-कई दिनों के लिए एक ही बार सूर्योदय होता है और एक ही बार सूर्यास्त।
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